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ख्वाब

 

ख़्वाबों ने ख़्वाबों में इक ख्वाब देखा है 24.jpg
ख्वाबों में इक ख्वाब लाजवाब देखा है 
पूरे होने की उम्मीद जितनी भी हो सो हो
उन्होंने क्षणभंगुर ख़्वाबों का रुबाब देखा है

ख्वाब जो आँखों की सरहद पार ना कर सके
ख्वाब जो हकीकी से आँखें चार ना कर सके
खिलने का मौका मिल सका ना जिन्हें
ख्वाब जो अपने यार का दीदार ना कर सके

ख्वाब जो पूरी नींद से भी महरूम रह गए
ख्वाब जो निराशाओं के सितम सह गए
खुली हुई आखों को भी परेशान कर करके
ख्वाब जो पल भर में कई दास्ताँ कह गए

ख्वाब जो हवन की जलती हुई आग थे 23.jpg
ख्वाब जो जोग और बिहग के राग थे
धूपबत्ती के धूएँ की महक से फैले हुए
ख्वाब जो रंगीन बुलबुलों का  झाग थे

ख्वाब जो अब भी कितनों के जीवन की डोर हैं
ख्वाब जो आज भी रातों में बिखरे चारों ओर हैं
जितने चले गए हों चाहे पर आगे और भी आयेंगे
ख्वाब जो पाकर अमरत्व मस्ती में सराबोर हैं

 

Photo Courtesy: Flickr and Flickr